मातृवत् स्वसृवच् चैव नित्यं दुहितृवच् च ये परदारेषु वर्तन्ते ते नराः स्वर्गगामिनः //
এটি একাদশ শ্লোক; সৎসঙ্গে বিবেক জন্মে, আর বিবেক থেকে শ্রেষ্ঠ শান্তি আসে।