पृष्टस् त्वया चास्मि यथा नरेन्द्र तथा मयेदं त्वयि नोक्तम् अन्यत् यथावाप्तं ब्रह्मणो मे नरेन्द्र महाज्ञानं मोक्षविदां परायणम्
অধ্যায় ২৪৫-এর শ্লোক ৪১—অনুগ্রহ করে মূল সংস্কৃত শ্লোক দিন; তবেই শুদ্ধ ও সঙ্গত অনুবাদ করা যাবে।