न चैव तत्त्ववांस् तात संसारेषु निमज्जति एषाम् उपैति तत्त्वं हि क्षिप्रं बुध्यस्व लक्षणम् //
ষোড়শ শ্লোক—মূল পাঠ দেওয়া হয়নি; তাই শাস্ত্রীয় অনুবাদ সম্ভব নয়।