सुखम् एवं तु कर्तव्यं सकृत् कृत्वा सुखं मम यावद् एव तु मे सौख्यं जात्यां जात्यां भविष्यति //
এখানে শ্লোকসংখ্যা সাঁইত্রিশ; মূল পাঠ না দিলে অনুবাদ সম্ভব নয়।