द्रोण-पार्थ-युद्धम्
Droṇa–Pārtha Strategic Engagement
सवनिताननादृत्य दृष्टवा तमतिमानिनम् | तस्य मुर्थ्नि पतिष्यामि तत एते पराजिता:,अर्जुनने कहा--सारथे! धनुषसे बाण चलानेपर वह जितनी दूरीपर जाकर गिरता है, कौरवसेनासे उतना ही अन्तर रह जाय, तो घोड़ोंको रोक लेना; जिससे मैं यह देख लूँ कि इस सेनामें वह कुरुकुलाधम दुर्योधन कहाँ है। उस अत्यन्त अभिमानी दुर्योधनको देख लेनेपर मैं इन सब योद्धाओंको छोड़कर उसीके सिरपर पड़ूँगा। उसके पराजित होनेसे ये सब परास्त हो जायूँगे
savanitān anādṛtya dṛṣṭvā tam atimāninam | tasya mūrdhni patiṣyāmi tata ete parājitāḥ ||
অৰ্জুনে ক’লে—“অন্যসকলক উপেক্ষা কৰি, সেই অতিশয় অহংকাৰীক দেখামাত্ৰেই মই সোজাকৈ তাৰ মূৰত আঘাত কৰিম। সি পৰাজিত হ’লে এইসকল সকলোও পৰাজিত হ’ব।”
अजुन उवाच