Virāṭa-parva Adhyāya 21 — Kīcaka’s clandestine approach and Bhīma’s covert intervention (नर्तनागारे कीचकवध-प्रसङ्गः)
यो<यं राज्ञो विराटस्थ कीचको नाम सारथि: । त्यक्तधर्मा नृशंसश्न नरस्त्रीसम्मतः प्रिय:,राजा विराटका यह जो कीचक नामवाला सारथि है, इसने धर्मको त्याग दिया है। यह अत्यन्त क्रूर है, तो भी विराट और सुदेष्णा दोनों पति-पत्नी उसे बहुत मानते हैं। यह उनका प्रिय सेनापति है
বিৰাট ৰজাৰ এই কীচক নামৰ সাৰথি ধৰ্মত্যাগী আৰু নিষ্ঠুৰ; তথাপি বিরাট আৰু সুদেষ্ণা—দুয়োয়ে তাক অতি মান্য কৰি প্ৰিয় বুলি গণে।
भीमसेन उवाच