सत्यभामया द्रौपद्याश्वासनम्
Satyabhāmā’s Consolation of Draupadī
ट कट प्टपुछ 92: कल ८; प््छः क- €्छ पुरंदरस्तु तामाह मा भैर्नास्ति भयं तव । एवमुक्त्वा ततो5पश्यत् केशिनं स्थितमग्रत:,यह सुनकर इन्द्रने उससे कहा--“भद्रे! डरो मत, अब तुम्हें कोई भय नहीं है।” ऐसा कहकर जब उन्होंने उधर दृष्टि डाली, तब केशी दानव सामने खड़ा दिखायी दिया
এই কথা শুনি ইন্দ্ৰই তাইক ক’লে—“ভদ্ৰে! ভয় নকৰিবা; এতিয়া তোমাৰ কোনো ভয় নাই।” এইদৰে কৈ আগলৈ চালে, তেতিয়া কেশী দানৱক সন্মুখত থিয় হৈ থকা দেখিলে।
युधिषछ्िर उवाच