नष्टे पुनर्बलात् काल आनयत्यमित्युति: । तथा बलादहं पृथ्वीं सर्वभूतहिताय वै,“जैसे अमिततेजस्वी काल सूर्यके अदृश्य होनेपर पुनः बलपूर्वक उसे दृष्टिपथमें ला देता है, उसी प्रकार मैं भी समस्त प्राणियोंके हितके लिये इस पृथ्वीको समुद्रके जलसे बलपूर्वक ऊपर लाता हूँ
যেনেকৈ অমিততেজস্বী কাল সূৰ্য অদৃশ্য হ’লে তাক পুনৰ বলপূৰ্বক দৃষ্টিপথলৈ আনে, তেনেকৈ মইও সকলো ভূতৰ হিতাৰ্থে এই পৃথিৱীক বলপূৰ্বক ওপৰলৈ তুলি আনোঁ।
भीष्म उवाच