Āpad-dharma and Discernment in Livelihood (आपद्धर्मे विज्ञानबलम्)
उपयातो नरव्यात्र लोकपालो यमस्तदा | तमपश्यत् सुतपसमृषिं वै गौतमं तदा
নরশ্ৰেষ্ঠ! তেতিয়া লোকপাল যম তাত আহি, সেই সময় সুতপস্বী ঋষি গৌতমক দেখিলে।
भीष्म उवाच