शल्यपर्व — चतुर्विंशोऽध्यायः | Śalya Parva, Chapter 24: Disruption of Kaurava Formations and the Elephant Encirclement
प्रादुरासीन्महान् शब्द: शराणां नतपर्वणाम् | फिर तो जैसे बादल पानीकी धारा बरसाता है, उसी प्रकार शत्रुओंको संताप देनेवाले अर्जुन युद्धस्थलमें सैकड़ों पैने बाणोंकी वर्षा करते हुए रथके द्वारा आगे बढ़े। उस समय झुकी हुई गाँठवाले बाणोंका महान् शब्द प्रकट होने लगा
তাৰ পাছত মেঘে যেন জলধাৰা বৰষায়, তেনেকৈ শত্রু-সন্তাপক অৰ্জুনে যুদ্ধক্ষেত্ৰত শ শ তীক্ষ্ণ শৰ বৰষাই ৰথেৰে আগবাঢ়িল। সেই সময় বাঁকা গাঁঠযুক্ত শৰসমূহৰ মহাশব্দ প্ৰকাশ পাবলৈ ধৰিলে।
संजय उवाच