युधिछिर उवाच अच्युताच्युत मा मैवं व्याहरामित्रकर्शन । पाण्डवानां भवान् नाथो भवन्तं चाश्रिता वयम्,युधिष्ठिर बोले--अपनी मर्यादासे कभी च्युत न होनेवाले शत्रुसूदन अच्युत! आप ऐसी बात न कहें, न कहें। आप हम सब पाण्डवोंके स्वामी हैं, रक्षक हैं; हम सब लोग आपकी शरणमें हैं
যুধিষ্ঠিৰে ক’লে—হে অচ্যুত, শত্রুসূদন! এনে কথা নক’ব। তুমি আমাৰ পাণ্ডৱসকলৰ নাথ আৰু ৰক্ষক; আমি সকলোৱে তোমাৰ শৰণাগত।
युधिछिर उवाच