Vaiśravaṇa-sabhā-varṇanam
Description of Kubera’s Assembly Hall
महारत्नवती चित्रा दिव्यगन्धा मनोरमा । सिता भ्रशिखराकारा प्लवमानेव दृश्यते,महान् रत्नोंसे उसका निर्माण हुआ है। उसकी झाँकी बड़ी विचित्र है। उससे दिव्य सुगन्ध फैलती रहती है और वह दर्शकके मनको अपनी ओर खींच लेती है। श्वेत बादलोंके शिखर-सी प्रतीत होनेवाली वह सभा आकाशकमें तैरती-सी दिखायी देती है
mahāratnavatī citrā divyagandhā manoramā | sitā bhraśikharākārā plavamāneva dṛśyate ||
সেই সভা মহাৰত্নে গঠিত, বিচিত্ৰ শোভাময়, দিব্য সুগন্ধে পৰিপূৰ্ণ আৰু মনোহৰ। শুভ্ৰ মেঘশিখৰৰ দৰে ই আকাশত ভাসমান যেন দেখা যায়।
नारद उवाच