दुःशासनवधः (Duḥśāsana-vadha) — Bhīma’s vow-fulfillment in combat
पर्यवारयदायान्तं युधिष्ठटिरममर्षणम् । क्षुरप्राणां त्रिसप्तत्या ततोडविध्यत पाण्डवम्,जब श्वेतवाहन अर्जुन असावधान थे, उसी समय क्रोधमें भरे हुए दुर्योधनने सहसा आधी सेनाके साथ आकर अपनी ओर आते हुए अमर्षशील पाण्डुपुत्र युधिष्ठिरको चारों ओरसे घेर लिया। साथ ही तिहत्तर क्षुरप्रोंद्वारा उन्हें घायल कर दिया
paryavārayad āyāntaṃ yudhiṣṭhiram amarṣaṇam | kṣuraprāṇāṃ trisaptatyā tato ’vidhyata pāṇḍavam ||
সঞ্জয়ে ক’লে—দুর্যোধনে নিজৰ ফালে আহি থকা, অদম্যচিত্ত যুধিষ্ঠিৰক চাৰিওফালে ঘেৰিলে। তাৰ পাছত তিয়াত্তৰ ক্ষুৰপ্ৰ বাণেৰে সেই পাণ্ডৱক তৎক্ষণাৎ বিদ্ধ কৰিলে।
संजय उवाच