त्रिपुरदाह-इतिहासः
Tripura-destruction exemplum and counsel to Śalya
ताञ्शराज्शकुनिस्तूर्ण चिच्छेदान्यै: पतत्रिभि: । लघ्वस्त्रश्चित्रयोधी च जितकाशी च संयुगे,परंतु शकुनिने तुरंत ही दूसरे बाणोंद्वारा सुतसोमके बाणोंको काट डाला। वह शीघ्रतापूर्वक अस्त्र चलानेवाला, विचित्र युद्धमें कुशल और युद्धसस््थलमें विजयश्रीसे सुशोभित होनेवाला था। उसने समरांगणमें अपने तीखे बाणोंसे सुतसोमके बाणोंका निवारण करके अत्यन्त कुपित हो तीन बाणोंद्वारा सुतसतोमको भी घायल कर दिया
tāñ śarāñ śakunīs tūrṇaṃ cicchedānyaiḥ patatribhiḥ | laghv-astraś citra-yodhī ca jita-kāśī ca saṃyuge ||
শকুনিয়ে তৎক্ষণাৎ অন্য পাখিপাখনা-যুক্ত শৰৰে সেই শৰবোৰ কাটি পেলালে। সি অস্ত্ৰচালনাত দ্ৰুত, বিচিত্ৰ যুদ্ধকৌশলত নিপুণ, আৰু সমৰত বিজয়দীপ্তিত উজ্জ্বল আছিল।
संजय उवाच