Chapter 12: Arjuna’s suppression of the Saṃśaptakas and duel with Aśvatthāmā
Drauṇi
गजों और गजारोहियोंने रथियों, घुड़सवारों और पैदलोंको मार गिराया, पैदलोंने रथियों, घुड़सवारों और हाथीसवारोंको धराशायी कर दिया, घुड़सवारोंने रथियों, पैदलों और गजारोहियोंको मार डाला तथा रथियोंने भी पैदल मनुष्यों और गजारोहियोंको मार गिराया,कैकेयौ सात्यकिं युद्धे शरवर्षेण भास्वता । सात्यकि: केकयौ चापि च्छादयामास भारत
kaikeyau sātyakiṃ yuddhe śaravarṣeṇa bhāsvatā | sātyakiḥ kekayau cāpi cchādayāmāsa bhārata ||
সঞ্জয়ে ক’লে—যুদ্ধত কাইকেয় বীৰে দীপ্তিমান শৰবৃষ্টিৰে সাত্যকিক আচ্ছাদিত কৰিলে; আৰু হে ভাৰত, সাত্যকিয়েও প্ৰত্যুত্তৰত কাইকেয়ক তেনেদৰেই ঢাকি দিলে।
संजय उवाच