वासवी-शक्तेः प्रयोगः, घटोत्कच-वधोत्तर-शोकः, व्यासोपदेशश्च
The Vāsavī Spear’s Use, Post-Ghaṭotkaca Grief, and Vyāsa’s Counsel
तत्रैको<स्त्रबलश्लाघी दौणिर्मानी न विव्यथे | व्यधमच्च शरैर्मायां घटोत्कचविनिर्मिताम्,उस समय वहाँ अपने अस्त्र-बलपर अभिमान करनेवाला एकमात्र द्रोणकुमार स्वाभिमानी अश्वत्थामा तनिक भी व्यथित नहीं हुआ। उसने घटोत्कचकी रची हुई माया अपने बाणोंद्वारा नष्ट कर दी
সেই সময়ত তাত অস্ত্ৰবলে গৰ্বিত একমাত্ৰ দ্ৰোণপুত্ৰ, স্বাভিমানী অশ্বত্থামা একেবাৰে বিচলিত নহ’ল। সি ঘটোৎকচে ৰচনা কৰা মায়াক নিজৰ বাণে ধ্বংস কৰিলে।
सयजय उवाच