भीमकर्णसमागमः | Bhīma–Karṇa Encounter
सो<थयं प्राप्तस्तवाक्षेपं पश्य साफल्यमात्मन: । कथं हि राजा राज्यार्थी त्वया गच्छेत संयुगम्,आज यह तुम्हारे बाणोंके मार्गमें आ पहुँचा है। इसे तुम अपनी सफलता समझो; अन्यथा राज्यकी अभिलाषा रखनेवाला राजा दुर्योधन तुम्हारे साथ युद्धभूमिमें कैसे उतर सकता था?
আজি সি তোমাৰ বাণৰ পথত আহি পৰিছে; ইয়াক নিজৰ সাফল্য বুলি ধৰা। নহ’লে ৰাজ্যলালসী ৰজা দুঃশাসন—দুৰ্যোধন—তোমাৰ সৈতে যুদ্ধভূমিত কেনেকৈ নামিলেহেঁতেন?
वायुदेव उवाच