भीमसेनस्य बहुमहारथसंयुगः
Bhīmasena’s Engagement with Multiple Mahārathas
ममैष भार: सर्वो हि हनिष्यामि पितामहम् । शपे केशव शस्त्रेण सत्येन सुकृतेन च,“केशव! यह सारा भार मुझपर है। मैं अपने अस्त्र-शस्त्र, सत्य और सुकृतकी शपथ खाकर कहता हूँ कि पितामह भीष्मका वध करूँगा
mamaiṣa bhāraḥ sarvo hi haniṣyāmi pitāmaham | śape keśava śastreṇa satyena sukṛtena ca ||
হে কেশৱ! এই সমগ্ৰ ভাৰ মোৰ ওপৰতে। মই মোৰ অস্ত্ৰৰ, সত্যৰ আৰু সুকৃতৰ শপথ কৰি কওঁ—মই পিতামহ ভীষ্মক বধ কৰিম।
संजय उवाच