भीष्मवधोपाय-प्रश्नः (Inquiry into the means to overcome Bhīṣma) | Chapter 103
एकैकं पञ्चभिर्बाणैराजघान स्मयतन्निव | अलनम्बुषो रथोपस्थे नृत्यन्निव महारथ:,इसके बाद रथकी बैठकमें नृत्य-सा करते हुए महारथी अलम्बुषने मुसकराते हुए उनमेंसे एक-एकको पाँच-पाँच बाणोंद्वारा घायल कर दिया
ekaikaṁ pañcabhir bāṇair ājaghāna smayatan niva | alanambuṣo rathopasthe nṛtyann iva mahārathaḥ ||
তাৰ পিছত ৰথৰ ওপৰত নাচি থকা যেন দেখা মহাৰথী আলম্বুষে হাঁহি হাঁহি, যেন খেলাৰ দৰে, সিহঁতৰ একেকজনক পাঁচ পাঁচটা বাণে বিদ্ধ কৰিলে।
संजय उवाच