समन्तपञ्चक-आख्यानम् तथा अक्षौहिणी-प्रमाणनिर्णयः
Samantapañcaka Narrative and the Measure of an Akṣauhiṇī
अक्षौहिण्या: प्रसंख्याता रथानां द्विजसत्तमा: । संख्या गणिततत्त्वज्जै: सहस्राण्येकविंशति:,श्रेष्ठ ब्राह्यणो! गणितके तत्त्वज्ञ विद्वानोंने एक अक्षौहिणी सेनामें रथोंकी संख्या इक्कीस हजार आठ सौ सत्तर (२१,८७०) बतलायी है। हाथियोंकी संख्या भी इतनी ही कहनी चाहिये
হে দ্বিজশ্ৰেষ্ঠ! গণিত-তত্ত্বজ্ঞ পণ্ডিতসকলে এক অক্ষৌহিণী সেনাত ৰথৰ সংখ্যা একুশ হাজাৰ আঠশ সত্তৰ (২১,৮৭০) বুলি নিৰ্ধাৰণ কৰিছে।
राम उवाच