द्विवर्षसम्भृता कुक्षौ तामुत्स्रष्ठं प्रचक्रमे । अथ दड्वैपायनो ज्ञात्वा त्वरित: समुपागमत्,उसने दो वर्षोतक उसे पेटमें धारण किया था, तो भी उसने उसे इतना कड़ा देखकर फेंक देनेका विचार किया। इधर यह बात महर्षि व्यासको मालूम हुई। तब वे बड़ी उतावलीके साथ वहाँ आये
দুই বছৰ গৰ্ভত ধৰি ৰাখিলেও সেয়া ইমান কঠোৰ দেখি তাই তাক ত্যাগ কৰিবলৈ উদ্যত হ’ল। ইফালে এই কথা মহর্ষি ব্যাসে জানি তৎক্ষণাৎ তাত উপস্থিত হ’ল।
वैशम्पायन उवाच