सुदेष्णां च पुरस्कृत्य मत्स्यानां च वरस्त्रिय: । आजममुश्नारुसर्वाड्रय: सुमृष्टमणिकुण्डला:,मत्स्यनरेशके रनिवासकी सुन्दरी स्त्रियाँ रानी सुदेष्णाको आगे करके महारानी द्रौपदीके यहाँ आयीं। उन सबके सभी अंग बड़े मनोहर थे। उन सबने विशुद्ध मणिमय कुण्डल पहन रखे थे
وجاءت نساءُ الحريم في قصرِ ملكِ المَتسْيَا، يتقدّمهنّ الملكةُ سُديشْنا، إلى حيثُ الملكةُ دروبدي. وكانت أعضاؤهنّ جميعًا بهيّةً آسرة، وقد تحلَّيْنَ بأقراطٍ من جواهرَ صافيةٍ مصقولةٍ تلمع.
वैशम्पायन उवाच