मत्स्यो विराटो बलवानभिरक्तो5थ पाण्डवान् | धर्मशीलो वदान्यश्न वृद्धश्न सततं प्रिय:,[तुम्हारे बताये हुए देशोंमेंसे] मत्स्यदेशके राजा विराट बहुत बलवान् हैं और पाण्डवोंके प्रति उनका अनुराग भी है; साथ ही वे स्वभावतः धर्मात्मा, वृद्ध, उदार तथा हमें सदैव प्रिय हैं
ومن بين البلاد التي ذكرتَها، فإنّ فيرَاطَ ملكَ مَتسْيَا شديدُ البأس، وله مودةٌ تجاه آل باندافا. وهو بطبعه قائمٌ على الدارما، شيخٌ كبير، سخيٌّ جواد، وهو لنا محبوبٌ على الدوام.
युधिछिर उवाच