युधिष्ठिरस्य अर्जुनप्रेषण-युक्तिवर्णनम् | Yudhiṣṭhira’s Rationale for Sending Arjuna and Request to Dhaumya
कोकामुखमुपस्पृश्य ब्रह्मचारी यतव्रत: । जातिस्मरत्वमाप्रोति दृष्टमेतत् पुरातनै:,कोकामुखतीर्थमें स्नान करके ब्रह्मचर्य एवं संयम-नियमका पालन करनेवाला पुरुष पूर्वजन्मकी बातोंको स्मरण करनेकी शक्ति प्राप्त कर लेता है। यह बात प्राचीन पुरुषोंने प्रत्यक्ष देखी है
من تطهّر بالاغتسال في تيرثا كوكاموخا، وكان براهمتشاريًّا ملتزمًا بالنذر وضبط النفس، نال قدرة تذكّر الحيوات السابقة. وقد شهد القدماء ذلك عيانًا.
घुलस्त्य उवाच