Yudhiṣṭhira’s Reproof and Vow-Logic: On Dice-Deception, Exile Terms, and the Governance of Anger
Adhyāya 35
सर्वे ते प्रियमिच्छन्ति बान्धवा: सह सृञज्जयै: । अहमेकश्न् संतप्तो माता च प्रतिविन्ध्यत:,आपके सभी बन्धु-बान्धव और सूंजयवंशी योद्धा भी आपका प्रिय करना चाहते हैं। केवल हम दो व्यक्तियोंको ही विशेष कष्ट है। एक तो मैं संतप्त होता हूँ और दूसरी प्रतिविन्ध्यकी माता द्रौपदी
قال بهيماسينا: «إن جميع أقربائك، ومعهم محاربو سلالة سِرِنْجَيا، يريدون أيضًا ما يرضيك. غير أنّ اثنين فقط يكتويان بعذابٍ خاص: أنا المحترق بالأسى، ودراوبادي—أمّ براتيفيندْهيا.»
भीमसेन उवाच