मुद्गलोपाख्यानम् — व्रीहिद्रोणदानं, दुर्वाससः परीक्षा, स्वर्गगुणप्रश्नः
Mudgala Episode: Rice-measure Charity, Durvāsas’ Test, Inquiry on Heaven
यथा कर्णस्य च रथो धार्तराष्ट्रस्य चो भयो: । गन्धर्व: शतशश्खछिन्नौ तथा तेषां प्रचक्रिरे,गन्धरवोने जैसे कर्ण तथा दुर्योधन दोनोंके रथोंको छिन्न-भिन्न करके उनके सैकड़ों टुकड़े कर दिये थे, उसी प्रकार वे पाण्डवोंके रथोंको भी टूक-टूक कर देनेकी चेष्टामें लग गये
وكما أنّ الغندرفا قد مزّقوا عربةَ كَرْنَةَ وعربةَ ابنِ دِهرتراشترا (دوريودهانا) وجعلوهما مئاتِ القطع، كذلك اندفعوا يسعون إلى تمزيق عرباتِ أبناءِ باندو وتفتيتها قطعةً قطعة.
वैशम्पायन उवाच