कृतयुगवर्णनम् तथा राजधर्मोपदेशः
Kṛtayuga Description and Instruction on Royal Dharma
विपरीतास्तदा नार्यो वज्चयित्वारहत: पतीन् | व्युच्चरन्त्यपि दुःशीला दासै: पशुभिरेव च,उस समयकी विपरीत स्वभाववाली स्त्रियाँ अपने योग्य पतियोंको भी धोखा देकर बुरे शील-स्वभावकी हो जायँगी और सेवकों तथा पशुओंके साथ भी व्यभिचार करेंगी
قال فايشَمبايانا: «عندئذٍ ستغدو النساء ذوات الطباع المنقلبة، فيخدعن حتى أزواجهنّ المستحقّين، ويقعن في سوء السيرة؛ وسيُقدِمن على الفاحشة مع الخدم، بل ومع البهائم أيضًا.»
वैशम्पायन उवाच