Kubera’s Fivefold Nīti and Protection of the Pāṇḍavas (वैश्रवणोपदेशः)
क्वचित् पद्धयां ततो5गच्छद् राक्षसैरुह्मुते क्वचित् । तत्र तत्र महातेजा भ्रातृभि: सह सुव्रत:,उत्तम व्रतका पालन करनेवाले वे महातेजस्वी भूपाल कहीं तो भाइयोंसहित पैदल चलते और कहीं राक्षसलोग उन्हें पीठपर बैठाकर ले जाते थे। इस प्रकार वे अनेक स्थानोंमें गये
كان تارةً يمضي على قدميه، وتارةً تحملُه الرَّاكْشَسَةُ على ظهورها. وهكذا، في كل موضعٍ وموضع، سار ذلك الملك العظيم البهاء، الملتزم بالنذر الرفيع، مع إخوته إلى أماكن كثيرة.
वैशम्पायन उवाच