जामदग्न्यस्य विलापः, प्रतिज्ञा, क्षत्रिय-निग्रहः, दानयज्ञश्च
Jāmadagnya Rāma’s Lament, Vow, Kṣatriya Suppression, and Gifts
संक्रुद्धोइतिबल: संख्ये शस्त्रमादाय वीर्यवान् | जघ्निवान् कार्तवीर्यस्य सुतानेकी5न्तकोपम:,अत्यन्त बलवान् एवं पराक्रमी परशुरामजी क्रोधके आवेशमें साक्षात् यमराजके समान हो गये। उन्होंने युद्धमें शस्त्र लेकर अकेले ही कार्तवीर्यके सब पुत्रोंकोी मार डाला
عندئذٍ استبدّت بباراشوراما، شديدُ البأس عظيمُ الشجاعة، ثورةُ غضبٍ كأنّه يَمَراجا بعينه. حمل السلاح في ساحة القتال، فقتل وحده جميع أبناء كارتافيرْيا (Kārtavīrya).
राम उवाच