Chapter 49: Sañjaya’s Enumeration of the Pāṇḍava Coalition (पाण्डवसैन्यसमागम-वर्णनम्)
शिशुभिद्दुर्जयै: संख्ये द्रौपदेयैर्महात्मभि: । आशीविषसमस्पर्श: पाण्डवा अभ्ययुञ्जत,द्रौपदीके महामना पुत्र देखनेमें बालक होनेपर भी समरभूमिमें दुर्जय हैं। उन्हें छेड़ना विषधर सर्पोको छू लेनेके समान है। उनके बलपर भी पाण्डव आपलोगोंसे भिड़नेकी तैयारी कर रहे हैं
إن أبناء دروبدي—أصحاب النفوس العظيمة—وإن بدوا صغارًا في المنظر، فهم في ساحة القتال عصيّون على الغلبة. ومَن يثيرهم فكأنما مسَّ أفعى سامة. وبالاعتماد على بأسهم، فإن الباندافا يستعدّون لمناجزتكم.
संजय उवाच