भीष्म–रामजामदग्न्ययुद्धप्रस्थानवर्णनम्
Bhishma’s Account of Parashurama’s Challenge and the March to Kurukshetra
एवमस्त्राणि दिव्यानि रामस्याहमवारयम् । रामश्न मम तेजस्वी दिव्यास्त्रविदरिंदम:,इस प्रकार मैं परशुरामजीके दिव्यास्त्रोंका निवारण करता और शत्रुओंका दमन करनेवाले दिव्यास्त्रवेत्ता तेजस्वी परशुराम भी मेरे अस्त्रोंका निवारण कर देते थे
evam astrāṇi divyāni rāmasyāham avārayam | rāmaś ca mama tejasvī divyāstravid arindamaḥ ||
قال بهيشما: «وهكذا كنتُ أصدُّ الأسلحةَ السماويةَ لراما (باراشوراما)، وكان راما المتلألئ—العالِم بالأسلحة الإلهية وقامع الأعداء—يبطل بدوره أسلحتي.»
भीष्म उवाच