दुर्ग-निवेश-राजधर्मः | Fortified Capital and the King’s Residential Polity
Rājadharma
तेषु सत्कारमानाभ्यां संविभागांश्व कारयेत् । परराष्ट्राटवीस्थेषु यथा स्वविषये तथा,उन सबको सत्कार और सम्मानके साथ आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करे। जैसे अपने राज्यके तपस्वीका आदर करे, वैसे ही दूसरे राज्यों तथा जंगलोंमें रहनेवाले तापसोंका भी सम्मान करना चाहिये
قال بهيشما: «وعليهم أن يُقابَلوا بالإكرام والتوقير، وأن تُقسَم لهم الحاجات على قدر اللزوم. وكما يُحترَم ناسكُ المرء في بلاده، كذلك ينبغي احترام النساك المقيمين في بلاد الآخرين وفي الغابات.»
भीष्म उवाच