अद्भयोडन्नि््रह्युत: क्षत्रमश्मनो लोहमुत्थितम् । तेषां सर्वत्रगं तेज: स्वासु योनिषु शाम्यति,अग्नि जलसे, क्षत्रिय ब्राह्मणसे और लोहा पत्थरसे पैदा हुआ है। इनका तेज या प्रभाव सर्वत्र काम करता है; परंतु अपनी उत्पत्तिके मूल कारणोंसे मुकाबला पड़नेपर शान्त हो जाता है
«النار تخرج من الماء؛ وسلطة المُلك (كشاترا) تخرج من البراهمة؛ والحديد يخرج من الحجر. إن توهّجها وأثرها يسريان في كل مكان، غير أنها إذا لاقت أصلها الذي انبثقت منه خمدت وسكنت.»
भीष्म उवाच