Bhīṣma’s Śara-śayyā Stuti to Vāsudeva and Yogic Preparation for Dehotsarga
Body-Relinquishment
इति विद्यातपोयोनिरयोनिर्विष्णुरीडित: । वाग्यज्ञेनार्चितो देव: प्रीयतां मे जनार्दन:,जो विद्या और तपके जन्मस्थान हैं, जिनको दूसरा कोई जन्म देनेवाला नहीं है, उन भगवान् विष्णुका मैंने इस प्रकार वाणीरूप यज्ञसे पूजन किया है। इससे वे भगवान् जनार्दन मुझपर प्रसन्न हों
وهكذا قد عبدتُ فيشنو—الممجَّد، منبعَ المعرفة والتقشّف، الذي لا مولِدَ له من أحد—بـ«يَجْنَا» الكلمة. فليَرضَ عني الإله جناردانا.
भीष्म उवाच