देवतापितृप्रश्नः — Nārada at Badarīāśrama: the ultimate referent of daiva and pitṛ worship
सकूलमूलबान्धवं प्रभुर्हरत्यसड्रवान् । न सन्ति यस्य वारका: कुरुष्व धर्मसंनिधिम्,सर्वसमर्थ काल किसीके प्रति भी स्नेह नहीं करता। वह कूल और मूल अर्थात् आदि-अन्तसहित समस्त बन्धु-बान्धवोंको हर ले जाता है। उसको रोकनेवाले कोई नहीं हैं; इसलिये तुम धर्मका संचय करो
قال فياسا: «إن كالا—القادر على كل شيء—لا يعرف مودةً لأحد. إنه يختطف بلا تردّد العشيرة والأصل، أي البداية والنهاية، من جميع الأقارب. ولا رادّ له؛ فاجعل لك من الدارما ذخيرةً تُلازمك.»
व्यास उवाच