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Shloka 3

मोक्षोपाय-निर्णयः

Determination of the Means to Liberation

अव्याह्वतं व्याजहार सत्यवानिति नः श्रुतम्‌ वधायोजन्नीयमानेषु पितुरेवानुशासनात्‌,हमने सुना है कि एक दिन सत्यवानने देखा कि पिताकी आज्ञासे बहुत-से अपराधी शूलीपर चढ़ा देनेके लिये ले जाये जा रहे हैं। उस समय उन्होंने पिताके पास जाकर ऐसी बात कही, जो पहले किसीने नहीं कही थी

وقد سمعنا أنّ ساتيَفَت رأى يوماً، بأمر أبيه، جماعةً من المجرمين يُساقون ليُقتَلوا ويُعلَّقوا على الخازوق. فعندئذٍ دنا من أبيه وقال قولاً لم يقله أحدٌ من قبل.

भीष्म उवाच