भीष्म उवाच इत्युक्त: प्रत्युवाचेदं गन्धवत्या: सुत: सुतम् । ऋषिस्तत्पूजयन् वाक्यं पुत्रस्यामिततेजस:,भीष्मजी कहते हैं--युधिष्ठिर! उनके इस प्रकार पूछनेपर गनन््धवती (सत्यवती) के पुत्र महर्षि व्यासने अपने अमिततेजस्वी पुत्रके ववनका आदर करते हुए उससे इस प्रकार कहा
قال بيشما: «يا يودهيشثيرا! لما سُئِل على هذا النحو، أجاب المهارِشي فياسا—ابن غندهافَتي (ساتيافَتي)—مُكرِّمًا كلام ابنه ذي البأس والضياء الذي لا يُقاس، فقال له هكذا.»
भीष्म उवाच