ब्राह्मणस्य पूर्वतरा वृत्तिः — The Earlier Ideal Conduct of a Brahmana
River-of-Saṃsāra Metaphor
अहमासं यथाटद्य त्वं भविता त्वं यथा वयम् । मावमंस्था मया कर्म दुष्कृतं कृतमित्युत,आज जैसे तुम हो, कभी मैं भी ऐसा ही था और इस समय जिस दशामें हमलोग पड़े हुए हैं, कभी तुम्हारी भी वैसी ही अवस्था होगी; अतः तुम यह समझकर कि मैंने बड़ा दुष्कर पराक्रम कर दिखाया है, मेरा अपमान न करो
قال بهيشما: «كما أنت اليوم، كنتُ أنا يومًا كذلك؛ وكما نحن واقعون الآن في هذه الحال، ستبلغ أنت أيضًا مثلها يومًا ما. فلا تحتقرني ظانًّا: “لقد أتيتُ ببطولةٍ عسيرةٍ عظيمة.”»
भीष्म उवाच