बलिस्वाच न हीमामासुरीं वेझि न दैवीं च न मानुषीम् । त्वमेनां पृच्छ वा मा वा यथेष्टं कुरु वासव,बलिने कहा--इन्द्र! मेरी समझमें न तो यह असुरकुलकी स्त्री है, न देवजातिकी है और न मानवी ही है। तुम जानना चाहते हो तो इसीसे पूछो अथवा न पूछो। जैसी तुम्हारी इच्छा हो, वैसा करो
قال بالي: «يا إندرا! في فهمي ليست هذه امرأةً من نسل الأسورا، ولا من نسل الآلهة، ولا هي بشرية. إن أردت أن تعلم فاسألها هي، أو لا تسأل. افعل ما تشاء، يا فاسافا».
शक्र उवाच