Yoga, Nārāyaṇa as Supreme Principle, and the Emanation of Categories
Sāṅkhya-Yoga Outline
यथा चन्द्रो हामावास्यां नक्षत्रैर्युज्यते गत: । तद्वच्छरीरनिर्मुक्त: फलैर्युज्यति कर्मण:,जैसे अमावास्याका अतिक्रमण करनेपर चन्द्रमा नक्षत्रोंसे संयुक्त होता है, उसी प्रकार जीवात्मा एक शरीरका त्याग करनेपर कर्मोके फलस्वरूप दूसरे शरीरसे युक्त होता है
«كما أنّ القمر، بعد أن يتجاوز ليلة المحاق، يقترن بالنجوم، كذلك الجِيفا إذا ترك جسدًا اقترن بجسدٍ آخر بحسب ثمرات الكارما.»
भीष्म उवाच