Adhyāya 199: Karma–Jñāna Causality and the Nirguṇa Brahman
Manu’s Instruction
संश्रुतं च मया पूर्व ददानीत्यविचारितम् । तद् गृह्नीष्वाविचारेण यदि सत्ये स्थितो भवान्,मैंने बिना कुछ सोच-विचार किये ही पहले देनेकी प्रतिज्ञा कर ली है; अतः आप भी बिना विचारे मेरा दिया हुआ जप ग्रहण करें। यदि आप सत्यपर दृढ़ हैं तो आपको ऐसा अवश्य करना चाहिये
لقد قطعتُ من قبلٍ وعدًا بلا تروٍّ: «سأُعطي». فخُذْ إذنْ بلا تردّد ما قد وهبتُه لك. فإن كنتَ قائمًا على الحقّ، وجب عليك أن تفعل ذلك.
ब्राह्मण उवाच