Dasyu-maryādā and Buddhi-guided Rāja-nīti (दस्युमर्यादा तथा बुद्धिप्रधान-राजनीति)
सा भार्या या प्रियं ब्रूते स पुत्रो यत्र निर्व॒ति: । तम्मित्रं यत्र विश्वास: स देशो यत्र जीव्यते,पत्नी वही अच्छी है, जो प्रिय वचन बोले। पुत्र वही अच्छा है, जिससे सुख मिले। मित्र वही श्रेष्ठ है, जिसपर विश्वास बना रहे और देश भी वही उत्तम है, जहाँ जीविका चल सके
الزوجة الصالحة هي التي تقول الكلام الطيب. والابن الصالح هو الذي يكون فيه السرور. والصديق الحقّ هو الذي تُصان معه الثقة. والبلاد الصالحة هي التي تُنال فيها المعيشة.
ब्रह्मदत्त उवाच