Dasyu-maryādā and Buddhi-guided Rāja-nīti (दस्युमर्यादा तथा बुद्धिप्रधान-राजनीति)
अहं हि पुत्रशोकेन कृतपापा तवात्मजे | यथा त्वया प्रहर्तव्यं तथा तत्त्वं च मे शृणु,जैसे मैं पुत्र शोकसे संतप्त होकर आपके पुत्रके प्रति पापपूर्ण बर्ताव कर बैठी, उसी प्रकार आप भी मुझपर प्रहार कर सकते हैं। यहाँ जो यथार्थ बात है, वह मुझसे सुनिये
ahaṃ hi putraśokena kṛtapāpā tavātmaje | yathā tvayā prahartavyaṃ tathā tattvaṃ ca me śṛṇu ||
قال برهماداتّا: «وقد غلبني حزنُ ابني فارتكبتُ إثمًا في حقّ ولدك. فلذلك، كما يحقّ لك أن تضربني جزاءً، كذلك—اسمع مني حقيقة ما جرى على وجهه.»
ब्रह्मदत्त उवाच