श्रुत्वा तु वचन तेषामश्चत्थामा महाबल: । भित्त्वा पाउ्चालराजस्य तदनीकं दुरुत्सहम्,उनकी बात सुनकर महाबली अअश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा-ये सभी दृढ़ धनुर्धर शूरवीर पांचालराजकी उस दु:सह सेनाका व्यूह तोड़कर, रथसेनाका परित्याग करके जहाँ शकुनि था, वहीं जा पहुँचे
فلما سمع أَشْوَتْثَامَا، ذو البأس العظيم، كلامَهم، شقَّ صفوفَ جيشِ ملكِ البانچالا، ذلك التشكيلَ العسيرَ الاحتمال، ثم تركَ فيلقَ العربات وبلغ الموضعَ الذي كان فيه شَكُني.
संजय उवाच