भीमसेनस्य कौरवसुतवधः तथा श्रुतर्वावधः
Slaying of Kaurava princes and the fall of Śrutarvā
इन्द्राशनिसमस्पर्शानविषह्मान्ू महौजस: । विसृजन् दृश्यते बाणान् धारा मुज्चन्निवाम्बुद:,जैसे बादल पानीकी धारा गिराता है, उसी प्रकार वे बाणोंकी वर्षा करते दिखायी देते थे। उन बाणोंका स्पर्श इन्द्रके वज्ोकी भाँति कठोर था। वे बाण असहा एवं महान् शक्तिशाली थे
كان يُرى وهو يُطلق السهام كأنّ سحابةً تُسقط سيلًا من المطر. وكان مسُّ تلك السهام قاسيًا كصاعقة إندرا (الفَجْرَة/الفَجْرا)، لا يُطاق، عظيمَ القوّة.
संजय उवाच