मयस्य प्रतिकृतिः — Maya’s Offer and the Commissioning of the Sabhā
वैशम्पायन उवाच ततोअब्रवीन्मय: पार्थ वासुदेवस्य संनिधौ । प्राउ्जलि: श्लक्षणया वाचा पूजयित्वा पुन: पुन:,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! खाण्डवदाहके अनन्तर मयासुरने भगवान् श्रीकृष्णके पास बैठे हुए अर्जुनकी बारंबार प्रशंसा करके हाथ जोड़कर मधुर वाणीमें उनसे कहा
قال فَيْشَمْبَايَنَة: ثمّ قال مايا لبارثا (أرجونا) بحضرة فاسوديفا (كريشنا)؛ وقد ضمّ كفّيه، وبكلامٍ لطيفٍ مُهذّب، يكرّر تعظيمه وتبجيله مرارًا، ثم قال.
वैशम्पायन उवाच