वसुदेव–अर्जुन संवादः
Vasudeva–Arjuna Dialogue in the Aftermath of Dvārakā
इत्युक्तास्तेन ते सर्वे पार्थेनाक्लिष्टकर्मणा । सज्जमाशु तततश्नक्रुः स्वसिद्धयर्थ समुत्सुका:,अनायास ही महान् कर्म करनेवाले अर्जुनके इस प्रकार आज्ञा देनेपर समस्त मन्त्रियोंने अपनी अभीष्ट-सिद्धिके लिये अत्यन्त उत्सुक होकर शीघ्र ही तैयारी आरम्भ कर दी
فلما قال بارثا (أرجونا) —وهو الذي ينهض بالعظائم من غير عناء— ذلك القول، أسرع الوزراء جميعًا، متلهّفين إلى تمام مقاصدهم، فشرعوا في الاستعداد من كل ناحية.
वैशम्पायन उवाच