तस्मिन् कृते भीमसेनेन रूपे दृष्टवा जना: शोणितं पीयमानम् । सम्प्राद्रवंश्षित्रसेनेन सार्ध॑ भीम॑ रक्षो भाषमाणा भयार्ता:,भीमसेनके वैसा भयानक रूप बना लेनेपर उनके द्वारा रक्तका पीया जाना देखकर सब लोग भयसे आतुर हो भीमको राक्षस बताते हुए चित्रसेनके साथ भाग चले
قال سنجيا: لما اتخذ بهيماسينا تلك الهيئة المروّعة ورأى الناسُ الدم يُشرب، اضطربوا رعبًا، وسمّوا بهيما «راكشاسا»، ثم فرّوا مع تشيتراسينا.
संजय उवाच