दुर्योधन–द्रोणसंवादः
Arjuna-vīrya-prasaṃśā and renewed battle formation
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे कृपकर्णवाक्ये$ष्टपजचाशदधिकशततमो< ध्याय:,इस प्रकार श्रीमह्याभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके प्रसंगमें कृपाचार्य और कर्णका विवादविषयक एक सौ अट्ठावनवाँ अध्याय पूरा हुआ
وهكذا، في «شري مهابهاراتا»، في «درونا بارفا»، في قسم مقتل غهاطوتكاتشا، في قتال الليل—يُختَتم الفصل الثامن والخمسون بعد المئة، المتعلّق بأقوال كريباتشاريا وكَرْنا وما دار بينهما من جدال.
संजय उवाच