Droṇa’s Resolve to Restrain Yudhiṣṭhira and Arjuna’s Protective Vow (द्रोणस्य युधिष्ठिरनिग्रह-प्रयत्नः)
वधे कुन्तिसुतस्थाजी नाचार्य विजयो मम । हते युधिष्ठिरे पार्था हन्यु: सर्वान् हि नो ध्रुवम्,“आचार्य! युद्धके मैदानमें कुन्तीपुत्र युधिष्ठिरके मारे जानेसे मेरी विजय नहीं हो सकती; क्योंकि युधिष्ठिका वध होनेपर कुन्तीके पुत्र हम सब लोगोंको अवश्य ही मार डालेंगे
«يا مُعلِّم! في ساحة القتال، إن قتلَ يودهيشثيرا ابنِ كونتي لا يهبني النصر؛ لأنّه إذا قُتل يودهيشثيرا فإن أبناء كونتي سيقتلوننا جميعاً لا محالة.»
संजय उवाच